chudail kahani : chudail wala kahani – भुतिया चुड़ैल का इंसानी भोजन

chudail kahani: एक समय की बात है. जब एक छोटा सा लड़का घुमते-फिरते जंगल की ओर पहुँच गया. बहुत दूर चला गया उसको रास्ते का कोई पता भी नही था. बेचारा क्या करत. पानी का प्यासा थ. पानी की तलाश में  इधर-उधर भटक रहा था.

तब कुछ दूर जाकर उसे एक छोटा सा तालाब दिखाई दिया उस तालाब में पानी नही था. उस तालाब के किनारे एक छोटा सा झोपड़ी दिखाई दिया. उसने सोचा चलो उस झोपड़ी में जाकर देखता हूँ कोई तो होगा जो मुझे पानी देगा. जब  वह उस झोपड़ी के दरवाजे पे गया और दरवाजा खटखटाने लगा. तभी अन्दर से एक बुढ़िया  निकलकर आयी.

उसने पूछा क्या है बच्चे. क्या चाहिए तुझे.

उस लड़के ने बोला मुझे पानी दे-दो बहुत प्यास लगी है.

उस बूड़ी औरत ने कहा अन्दर आ जाओ. लड़का अन्दर चला गया. उसने लड़के को बैठाया. और पानी दिया.

लड़के ने कहा अब मैं घर जाता हूँ.

तो उस बुड़ी औरत ने उसे रुकने को कहा. अरे लड़का रुक जाओ. रात होने वाली है. खाना खा कर जाना.

लड़का बेचारा सोचा चल-चल कर थक गया हूँ चलो थोड़ी देर रुक ही जाता हूँ. बुड़ी औरत रसोई की ओर गयी. (और मन-ही-मन सोचने लगी. की आज इतनो दिनों के बाद इंसानी भोजन मिला है. आज तो भरपेट खाऊँगी इस मोटे से बच्चे का मॉस कितना अच्छा होगा ) और अपना चाक़ू. हथियार वगैरह निकालने लगी.

लड़के ने पूछा क्या इतना बड़ा चाकू से क्या करोगी.

उस बुड़ी औरत ने जवाब दिया. बच्चे मैं एक चुड़ैल हूँ. तुम्हे आज पका कर खाऊँगी.

लड़का बेचारा डर से कांपने लगा हूँ. उसको समझ में नहीं आ रहा था. कि आंखिर वो करे तो करे क्या ? न भाग सकता था. न रह सकता था. उसने मन में सोचा कि. कुछ तो करना पडेगा. (लड़का चतुर था) उसने उस बूड़ी औरत को उलझाने के बारे में सोचा. उस लड़के ने कहा ! की. मैं कैसे यकीन करूँ की तुम एक चुड़ैल हो.

बूड़ी औरत  ने कहा की बताओ मै क्या करूँ.

उस लड़के ने उसे कुछ दिखाने के लिए कहा जिससे वो चुड़ैल लगे. ऐसा कहने पर उस बूड़ी औरत ने अपना सर उल्टा करके दिखाया. उल्टा पैर कर चल के  दिखाया.

फिर भी लड़के ने कहा. ये तो कोई भी जादू कर सकता है. फिर लड़के ने कहा. कि क्या तुम चूहा बन सकती हो. तो उसने चूहा बन कर दिखाया.

फिर भी लड़के ने बोला की नहीं अब भी मैं यकीन नहीं करता की तुम वाकई में एक चुड़ैल हो. क्या तुम एक मेढक बन सकती हो.

वह बूड़ी औरत ने मेढक बनकर भी बताया. अब बूड़ी औरत गुस्सा हो गयी और बोली बस अब मैं और कुछ नहीं बनूंगी बस तुम्हे पकाकर खाऊंगी.

तब लड़का थोडा डर गया. उसके बाद उस लड़के ने उस बुड़ी औरत को कहा कि अगर तुम मुझे खाना ही चाहती हो तो मेरा एक आंखिरी इच्छा पूरा कर सकती हो क्या.

तब बूड़ी औरत ने कहा चलो बच्चे तेरा आंखिरी  इच्छा पूरा कर लो. बताओ क्या है तेरा आंखिरी  इच्छा ?

तब उस लड़के ने थोड़ा चतुराई दिखायी. और कहा कि क्या तुम एक बार आग का गोला बनकर दिखाओ.. जैसे ही उसने (बूड़ी औरत ने ) आग का गोला बनकर दिखाया. उस लड़के ने उस पर मटके में पड़ा पानी. तुरंत उस आग के गोले में झट से पानी डाल दिया. और क्या पानी डालते ही आग का गोला बुझ गया. और वह बूड़ी औरत अपने असली चुड़ैल रूप में आई और तड़प-तड़प कर मर गयी. बस वही हुआ.

वह लड़का अपना चतुराई दिखाकर उस बूड़ी औरत (चुड़ैल) को ख़त्म करके अपने घर लौट आया. अब वह ख़ुशी-खुशी से अपने दोस्तों के साथ खेलते हुए वह बात बताई सभी खुश हुए. और बोले अब उस जंगल में नही जाना है. कहीं और चुड़ैल मिल गयी तो. शायद….

तो दोस्तों कैसे लगी ये भूतिया चुड़ैल वाली कहानी कमेंट में आप जरुर बताइएगा .

सिख:– इस कहानी से हमें यह सिख मिलती है. कि हमें किसी मुसीबत के समय सोच-समझ कर धैर्य से निर्णय लेना चाहिए. ताकि उस मुसीबत से बिना किसी परेशानी के निकल सकें.

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